Ultimate magazine theme for WordPress.

Breaking

भिलाई महिला महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया

0 427

बीएड कोर्स के विद्यार्थियों के लिए “कविता पाठ प्रतियोगिता” का हुआ आयोजन

भिलाई। भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित भिलाई महिला महाविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर “कविता पाठ प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया। आयोजित प्रतियोगिता में कॉलेज की बीएड की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ संध्या मदन मोहन ने उपस्थितजनों को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस आयोजन का उद्देश्य विश्व भर में भाषायी विविधता और सांस्कृतिक विविधता का प्रचार-प्रसार करना है और साथ ही दुनिया में सभी मातृभाषाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि आधुनिक डिजिटल युग में हमारी संस्कृति और पुरानी भाषाएँ तीव्रता से विलुप्त होती जा रही हैं। पहले संसार में 6000 भाषाएँ बोलीं जाती थीं, जिनमें से लगभग 2680 भाषाएँ यानि 43% खत्म होने के कगार पर हैं। अतः हमारी संस्कृति और भाषा का सरंक्षण अत्यंत आवश्यक है।

शिक्षा विभाग की हेड डॉ मोहना सुशांत पंडित ने कहा कि भाषा वह डोर है जो सबको एक दूसरे से बांधे हुए है। इसी डोर की मजबूती बढ़ाने के लिए हर साल 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की थीम “बहुभाषी शिक्षा के लिए प्रोद्योगिकी का उपयोग : चुनौतियाँ और अवसर” है।

आयोजित कार्यक्रम में बीएड द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर की छात्राओं ने हिन्दी, छत्तीसगढ़ी, मलयालम, सिन्धी, भोजपुरी, गुजराती, उर्दू, मराठी आदि भाषाओं में कविता पाठ किया और मातृभाषा दिवस पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के विजेताओं में बीएड चतुर्थ सेमेस्टर वर्ग में छात्रा लोकिता देवांगन की छत्तीसगढ़ी में प्रस्तुत कविता को प्रथम, मलयालम भाषा में छात्रा प्रशीथा टी.के. की प्रस्तुति तथा खुशबू मिश्रा की भोजपुरी में प्रस्तुत कविता को संयुक्त रूप से द्वितीय तथा सुनीता गोपलानी की सिंधी भाषा तथा देवश्री द्वारा प्रस्तुत हिन्दी कविता को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान मिला।

बीएड द्वितीय सेमेस्टर वर्ग में छात्राओं नगीना वर्मा, दिव्या साहू तथा गरिमा चंद्रा को उनकी गुजराती तथा हिन्दी भाषा में कविता की प्रस्तुतियों के लिए क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान दिया गया। विजेताओं के अलावा अन्य छात्राओं सरोज, ज्योति शर्मा, नेहा पाल, गिरिजा साहू, रूबीना, निसार अंजुम की प्रस्तुतियाँ भी सराहनीय रहीं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षा विभाग की सहायक प्राध्यापिकाओं श्रीमती हेमलता सिदार, भावना, नाज़नीन बेग, आशा आर्या, काकोली सिंघा का योगदान रहा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.