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भिलाई महिला महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में बसंत पंचमी का हुआ भव्य आयोजन

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बसंत पंचमी को विद्या की देवी माँ सरस्वती का प्रकटोत्सव माना जाता है। यह पर्व विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है। कहा जाता है की माँ सरस्वती की कृपा से व्यक्ति को विद्या की प्राप्ति होती है। विद्या हर व्यक्ति के लिए सबसे अधिक महत्व रखती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए छात्राओं को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा तथा मान्यताओं से परिचित कराते हुए तथा इनसे जोड़े रखने भिलाई महिला महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन किया जाता है।

भिलाई। भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित भिलाई महिला महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन किया गया। भिलाई महिला महाविद्यालय की प्रिन्सिपल डॉ संध्या मदन मोहन एवं महाविद्यालय के शिक्षा विभाग की विभागध्यक्ष डॉ मोहना सुशांत पंडित द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन कर माँ सरस्वती की विधिवत पूजा अर्चना कर किया गया। इस अवसर पर प्रिन्सिपल डॉ संध्या मदन मोहन ने छात्राओं और समस्त महाविद्यालयीन स्टाफ की अपने क्षेत्रों में उत्तरोत्तर प्रगति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मान्यता है कि बसंत पंचमी के अवसर पर ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा और आराधना करने से विद्या के क्षेत्र में अचूक सफलता हासिल होती है इसलिए शैक्षणिक संस्थाओं में इस पूजा का विशेष महत्व है। विभागाध्यक्ष डॉ मोहना सुशांत पंडित ने बसंत पंचमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बसंत ऋतु को भारत में पाई जाने वाली छः ऋतुओं में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकी बसंत ऋतु के आगमन से ही प्रकृति में एक नई उमंग आ जाती है तथा वातावरण उल्हास के माहौल में रंग जाता है। उन्होंने उपस्थित बीएड छात्राओं को अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु इसी प्रकार नए उमंग और उत्साह से जुट जाने कहा।

पीले वस्त्र धारण की छात्राओं तथा शिक्षिकाओं ने कॉलेज कॅम्पस के सम्पूर्ण वातावरण को किया ऊर्जामयी

बसंत का पीला रंग समृद्धि व ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। पीले रंग को बसंत ऋतु, माँ सरस्वती, कृषि कार्य और होली आगमन से जोड़कर देखा जाता है इसलिए इस दिन पीले वस्त्रों का अपना एक विशेष महत्व होता है। बसंत पंचमी के दिन सूर्य के उत्तरायण होने से सूर्य की पहली किरण पृथ्वी पर जब आती है तो वह पीली होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आयोजन में शामिल हुई सभी छात्राओं तथा शिक्षिकाओं ने पीले वस्त्रों को धारण किया हुआ था जिससे वातावरण में एक विशेष ऊर्जा परिलक्षित हो रही थी।

भंडारा का हुआ आयोजन

भिलाई महिला महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर माँ सरस्वती की आराधना कर भंडारा का आयोजन कर प्रसाद के रूप में खिचड़ी का वितरण किया गया जिसमें बीएड फोर्थ तथा फर्स्ट सेमेस्टर की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा आयोजन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

आयोजन में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों सहित समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों ने उपस्थित होकर माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना कर खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के आयोजन में शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ मोहना सुशांत पंडित सहित विभाग की सहा. प्राध्यापिकाओं श्रीमती हेमलता सिदार, भावना, नाज़नीन बेग, आशा आर्य, काकोली सिंघा, देवयानी साहू तथा श्वेता पुरी का विशेष योगदान रहा।

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