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महालक्ष्मी पूजा 2021 : महाराष्ट्रीयन समाज आज मना रहा श्री महालक्ष्मी पूजन

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  • धन-धान्य और समृद्धि की देवी महालक्ष्मी के महापूजन के पश्चात हो रहा महाप्रसाद का वितरण

भिलाई डेस्क। महराष्ट्रीयन पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास में गणेश चतुर्थी के दो दिन बाद यानि कल रविवार 12 सिंतबर से तीन दिन चलने वाली श्री महालक्ष्मी पूजा प्रारंभ हो चुकी है। इस वर्ष पहले दिन 12 सितंबर को श्री महालक्ष्मी आवाहन के साथ शुक्ल पक्ष सप्तमी को अनुराधा नक्षत्र पर शुरू हुई और आज याने दूसरे दिन सोमवार 13 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को ज्येष्टा नक्षत्र पर श्री महालक्ष्मी का विशिष्ट पूजन अर्चन किया जा रहा है और तीसरे दिन यानि कल मंगलवार 14 सितंबर 2021 भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को मूल नक्षत्र पर विसर्जन किया जाएगा।

महाराष्ट्रीयन समाज में पीढ़ी-दर-पीढ़ी पूर्ण श्रद्धा और धूमधाम से होता है महालक्ष्मी पूजन

महाराष्ट्रीयन समाज में भाद्र मास का विशेष महत्‍व है। इस मास में विशेष रूप से श्री महालक्ष्मी का पूजन किया जाता है। महालक्ष्मी का श्रृंगार नयी नववारी, पैठणी या सुंदर सी साडी पहनाकर आभूषणों से सुसज्जित कर स्‍थापना की जाती है।

महाराष्ट्रीयन समाज द्वारा भाद्रपद मास में अष्टमी तिथि को ज्येष्ठा नक्षत्र में कुल परिवार की रीतियों से पूजन-अर्चन कर महापूजन के पश्चात महानैवेद्य अर्पित कर महाप्रसाद में भोग वितरित जाता है। तीसरे दिन नवमी को मूल नक्षत्र में विसर्जन किया जाता है। महाराष्ट्रीयन समाज द्वारा माता महालक्ष्मी की विशिष्ट पूजन किया जाता है। महालक्ष्मी के पूजन अर्चन के पूर्व शुचिता और साफ-सफाई का ध्यान विशेष रूप से किया जाता है। महालक्ष्मी के प्रसाद के लिए सोहळे में खाना बनाने वाली महिलाओं को शुद्धता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। मन-मस्तिष्क से पूर्ण मनोयोग से भोग बनाने से महालक्ष्मी जल्द-से-जल्द भोग ग्रहण करती हैं। भक्तों की पूजा अर्चना और भक्तिभाव से भगवती प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं, जिससे धन-धान्य और पुत्र संतति की उत्तरोत्तर वृद्धि होती है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी परंपराओं को आगे बढ़ाने से सनातन संस्कृति आगे बढ़ रही है।

श्री महालक्ष्मी पूजा का महत्व

महालक्ष्मी “धन और समृद्धि” की देवी हैं इसलिए, भक्त समृद्ध जीवन के लिए श्री महालक्ष्मी की पूजा करते हैं। महाराष्ट्र में इस अवसर पर भव्य आयोजन होता है। महाराष्ट्रीयन समाज की यह अखंड श्रद्धा है की इस महालक्ष्मी पूजन से परिवार में धन-धान्य और पुत्र संतति की उत्तरोत्तर वृद्धि होती है।

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